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नवग्रह शांति पूजा: महत्व, प्रभाव और वैदिक मार्गदर्शन

नवग्रह शांति पूजा क्या होती है?

वैदिक ज्योतिष में नवग्रह (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु) जीवन के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं।
जब कुंडली में इन ग्रहों की स्थिति असंतुलित मानी जाती है, तब नवग्रह शांति पूजा द्वारा ग्रहों की शांति की कामना की जाती है।

इस पूजा का उद्देश्य ग्रहों के अशुभ प्रभावों से उत्पन्न मानसिक, पारिवारिक और कार्य संबंधी असंतुलन को आध्यात्मिक शांति के माध्यम से संतुलित करना होता है।

कुंडली में नवग्रह असंतुलन के संभावित संकेत

नवग्रहों की अशुभ स्थिति के कारण व्यक्ति को निम्न अनुभव हो सकते हैं:

  • मानसिक तनाव और अस्थिरता

  • स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएं

  • कार्य, नौकरी या व्यवसाय में रुकावट

  • पारिवारिक कलह

  • आर्थिक उतार-चढ़ाव

  • निर्णय लेने में भ्रम

👉 इन संकेतों की तीव्रता कुंडली और ग्रह दशा पर निर्भर करती है।

नवग्रह शांति पूजा का महत्व

वैदिक मान्यताओं के अनुसार, नवग्रह शांति पूजा द्वारा:

  • ग्रहों की अशुभ ऊर्जा के शमन की कामना

  • मानसिक संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण

  • जीवन में स्थिरता और अनुशासन

का भाव रखा जाता है।
यह पूजा श्रद्धा और शास्त्रसम्मत विधि से संपन्न की जाती है।

नवग्रह शांति पूजा की विधि (संक्षेप में)

नवग्रह शांति पूजा में सामान्यतः निम्न विधियाँ सम्मिलित होती हैं:

  • नवग्रहों का आवाहन

  • वैदिक मंत्रों द्वारा जाप

  • हवन एवं शांति पाठ

  • ग्रह शांति प्रार्थना

पूजा की विधि कुंडली की स्थिति के अनुसार भिन्न हो सकती है।

नवग्रह शांति पूजा कब कराई जाती है?

नवग्रह शांति पूजा सामान्यतः इन परिस्थितियों में कराई जाती है:

  • महत्वपूर्ण कार्य या निर्णय से पूर्व

  • जीवन में निरंतर बाधाओं की स्थिति में

  • ग्रह दशा या अंतरदशा के परिवर्तन के समय

  • मानसिक अशांति या असंतुलन अनुभव होने पर

नवग्रह शांति पूजा कहाँ कराई जाती है?

परंपरा अनुसार नवग्रह शांति पूजा
उज्जैन जैसे सिद्ध धार्मिक स्थलों सहित अन्य उपयुक्त स्थानों
पर वैदिक विधि से कराई जाती है।

👉 स्थान का चयन व्यक्ति की आस्था और सुविधा पर निर्भर करता है।

नवग्रह शांति पूजा से क्या लाभ माने जाते हैं?

वैदिक मान्यताओं के अनुसार, इस पूजा द्वारा:

  • मानसिक शांति की अनुभूति

  • ग्रहों के अशुभ प्रभाव में कमी की कामना

  • जीवन में संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा

का अनुभव किया जाता है।

⚠️ ध्यान दें:
पूजा के परिणाम व्यक्ति की आस्था, कर्म और परिस्थिति पर निर्भर करते हैं।
कोई भी पूजा निश्चित या गारंटीड परिणाम का दावा नहीं करती।

अनुभवी ज्योतिषाचार्य का मार्गदर्शन क्यों आवश्यक है?

नवग्रह शांति पूजा तभी प्रभावी मानी जाती है जब:

  • कुंडली का सही एवं समग्र विश्लेषण हो

  • ग्रहों की स्थिति के अनुसार पूजा विधि चुनी जाए

  • मंत्रोच्चारण शुद्ध एवं वैदिक हो

इसलिए अनुभवी आचार्य का मार्गदर्शन आवश्यक होता है।

नवग्रह शांति पूजा हेतु मार्गदर्शन प्राप्त करें

यदि आप:

  • अपनी कुंडली में ग्रह स्थिति जानना चाहते हैं

  • नवग्रह शांति पूजा के महत्व को समझना चाहते हैं

  • वैदिक दृष्टि से उचित मार्गदर्शन चाहते हैं

तो आप श्री सिद्धिविनायक ज्योतिष केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।

📞 संपर्क जानकारी

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स्थान: उज्जैन, मध्य प्रदेश

हर हर महादेव! 🙏

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Pandit Ji

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Namaste! 🙏 Main Pandit Ji hoon. Aapki kundli ya puja se judi kaise sahayata kar sakta hoon?