पूर्वजों की शांति एवं पारिवारिक संतुलन हेतु शास्त्रसम्मत वैदिक पूजा
10+ वर्षों का अनुभव | शुद्ध वैदिक विधि | अनुभवी आचार्य
भात पूजा क्या होती है?
भात पूजा पितृ दोष की शांति हेतु की जाने वाली एक महत्वपूर्ण वैदिक पूजा मानी जाती है। जब पूर्वजों से संबंधित कर्तव्यों में किसी कारणवश कमी रह जाती है या कुंडली में पितृ दोष का संकेत मिलता है, तब जीवन में विभिन्न प्रकार की बाधाएं अनुभव की जा सकती हैं।
इस पूजा का उद्देश्य पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त कर उनकी शांति एवं आशीर्वाद की कामना करना होता है।
पितृ दोष क्या होता है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पितृ दोष तब माना जाता है जब:
कुंडली में सूर्य, चंद्र या राहु-केतु प्रभावित हों
पंचम या नवम भाव असंतुलित हो
पारिवारिक कर्मों का प्रभाव जीवन में रुकावट उत्पन्न करे
👉पितृ दोष का प्रभाव हर व्यक्ति पर समान नहीं होता।
भात पूजा की विधि (संक्षेप में)
पितरों का वैदिक मंत्रों द्वारा आवाहन
तर्पण एवं प्रार्थना
ब्राह्मणों को भात एवं दान
शांति पाठ एवं समापन
भात पूजा हेतु मार्गदर्शन प्राप्त करें
यदि आप भात पूजा या पितृ दोष से संबंधित जानकारी चाहते हैं, तो अनुभवी आचार्य से मार्गदर्शन प्राप्त करें।