Navgrah shanti Puja Detail

नवग्रह शांति पूजा

ग्रहों की अशुभ स्थिति से उत्पन्न असंतुलन में आध्यात्मिक शांति हेतु वैदिक मार्गदर्शन

10+ वर्षों का अनुभव | शुद्ध वैदिक विधि | अनुभवी आचार्य

नवग्रह शांति पूजा क्या होती है?

वैदिक ज्योतिष के अनुसार नवग्रह — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु एवं केतु —
मानव जीवन के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं।

जब जन्म कुंडली में इन ग्रहों की स्थिति असंतुलित मानी जाती है,
तब नवग्रह शांति पूजा द्वारा ग्रहों की शांति एवं संतुलन की कामना की जाती है।

इस पूजा का उद्देश्य मानसिक स्थिरता, सकारात्मक दृष्टिकोण और आध्यात्मिक संतुलन प्राप्त करना होता है।

नवग्रह असंतुलन क्या होता है?

कुंडली में नवग्रहों का असंतुलन तब माना जाता है जब:

  • ग्रह अशुभ भावों में स्थित हों

  • ग्रहों पर पाप ग्रहों की दृष्टि हो

  • ग्रह दशा या अंतरदशा प्रतिकूल हो

  • ग्रहों की युति जीवन में बार-बार बाधाएं उत्पन्न करे

 नवग्रहों का प्रभाव व्यक्ति-विशेष की कुंडली पर निर्भर करता है।

नवग्रह शांति पूजा की विधि

नवग्रह शांति पूजा में सामान्यतः निम्न विधियां सम्मिलित होती हैं:

नवग्रहों का वैदिक मंत्रों द्वारा आवाहन

प्रत्येक ग्रह हेतु मंत्रजाप

हवन एवं शांति पाठ

ग्रह शांति हेतु प्रार्थना

नवग्रह शांति पूजा हेतु मार्गदर्शन प्राप्त करें

अपनी कुंडली में ग्रह स्थिति जानना चाहते हैंतो श्री सिद्धिविनायक ज्योतिष केंद्र से संपर्क करें।

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Pandit Ji

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Namaste! 🙏 Main Pandit Ji hoon. Aapki kundli ya puja se judi kaise sahayata kar sakta hoon?