ऋण मुक्ति पूजा (वैदिक मार्गदर्शन)
आर्थिक दबाव, मानसिक तनाव एवं कर्ज से जुड़ी चिंताओं में आध्यात्मिक शांति हेतु वैदिक मार्गदर्शन
10+ वर्षों का अनुभव | शुद्ध वैदिक विधि | अनुभवी आचार्य
ऋण मुक्ति पूजा क्या होती है?
आज के समय में आर्थिक जिम्मेदारियाँ और कर्ज व्यक्ति के जीवन में मानसिक तनाव एवं असंतुलन उत्पन्न कर सकते हैं।
वैदिक परंपरा में ऋण मुक्ति पूजा का उद्देश्य कर्ज से जुड़ी चिंताओं के समय मानसिक शांति, धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण की कामना करना होता है।
यह पूजा कुंडली विश्लेषण के आधार पर वैदिक विधि से कराई जाती है, जिससे व्यक्ति आत्मबल के साथ परिस्थितियों का सामना कर सके।
ऋण संबंधी समस्याएँ क्यों उत्पन्न होती हैं?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आर्थिक विषयों का संबंध मुख्यतः:
द्वितीय भाव
षष्ठ भाव
अष्टम भाव
एकादश भाव
ग्रह दशा एवं अंतरदशा
से माना जाता है।
जब इन भावों या ग्रहों की स्थिति असंतुलित हो, तब व्यक्ति को:
कर्ज बढ़ना
आय-व्यय में असंतुलन
आर्थिक योजनाओं में रुकावट
जैसी स्थितियाँ अनुभव हो सकती हैं।
प्रत्येक व्यक्ति की कुंडली अलग होती है, इसलिए कारण भी भिन्न हो सकते हैं।
ऋण मुक्ति पूजा की विधि
ऋण मुक्ति पूजा में सामान्यतः निम्न विधियाँ सम्मिलित होती हैं:
ग्रहों एवं देवताओं का आवाहन
वैदिक मंत्रजाप
ऋण शांति एवं मानसिक संतुलन हेतु प्रार्थना
