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कालसर्प दोष पूजा: कारण, प्रभाव और वैदिक शांति उपाय

कालसर्प दोष क्या होता है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब राहु और केतु जन्म कुंडली में
सभी ग्रहों को एक ओर से घेर लेते हैं, तब उस स्थिति को
कालसर्प दोष कहा जाता है।

राहु-केतु छाया ग्रह माने जाते हैं और इनका असंतुलित प्रभाव
व्यक्ति के जीवन में मानसिक, पारिवारिक एवं भौतिक बाधाएं उत्पन्न कर सकता है।

कालसर्प दोष के संभावित प्रभाव

कालसर्प दोष के प्रभाव व्यक्ति की कुंडली और ग्रह दशा पर निर्भर करते हैं।
सामान्यतः निम्न समस्याएं देखी जा सकती हैं:

  • जीवन में बार-बार रुकावट और संघर्ष

  • शिक्षा में बाधा या अस्थिरता

  • विवाह में विलंब या तनाव

  • दांपत्य जीवन में कलह

  • संतान से संबंधित चिंता

  • व्यापार एवं नौकरी में रुकावट

  • मानसिक तनाव और भय की भावना

👉 हर व्यक्ति पर इसका प्रभाव समान हो, ऐसा आवश्यक नहीं है।

कुंडली में कालसर्प दोष की पहचान कैसे होती है?

कालसर्प दोष की सही पहचान के लिए आवश्यक है:

  • जन्म कुंडली का गहन अध्ययन

  • राहु-केतु की स्थिति और अक्ष

  • अन्य ग्रहों की युति और दृष्टि

  • वर्तमान एवं आगामी ग्रह दशाएं

बिना कुंडली विश्लेषण के कालसर्प दोष का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं माना जाता।

कालसर्प दोष पूजा का महत्व

वैदिक परंपरा के अनुसार, कालसर्प दोष की शांति हेतु
कालसर्प दोष निवारण पूजा, मंत्रजाप एवं शांति विधि कराई जाती है।

इस पूजा का उद्देश्य होता है:

  • ग्रहों की अशुभ ऊर्जा का शमन

  • मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास की कामना

  • जीवन में सकारात्मकता और स्थिरता की भावना

यह पूजा पूर्ण श्रद्धा एवं शास्त्रसम्मत विधि से संपन्न की जाती है।

कालसर्प दोष पूजा की विधि (संक्षेप में)

कालसर्प दोष पूजा में सामान्यतः निम्न विधियां सम्मिलित होती हैं:

  • राहु-केतु का आवाहन

  • वैदिक मंत्रों द्वारा जाप

  • सर्प देवता की उपासना

  • हवन एवं शांति पाठ

  • ग्रह शांति प्रार्थना

पूजा की विधि कुंडली की स्थिति के अनुसार भिन्न हो सकती है।

कालसर्प दोष पूजा कहाँ कराई जाती है?

परंपरा अनुसार यह पूजा
उज्जैन जैसे सिद्ध धार्मिक स्थलों सहित अन्य उपयुक्त स्थानों
पर वैदिक विधि से कराई जाती है।

👉 स्थान का चयन व्यक्ति की आस्था, सुविधा और मार्गदर्शन पर निर्भर करता है।

कालसर्प दोष पूजा से क्या लाभ माने जाते हैं?

वैदिक मान्यताओं के अनुसार, इस पूजा द्वारा:

  • मानसिक शांति की अनुभूति

  • ग्रह बाधाओं में कमी

  • जीवन में संतुलन और सकारात्मक दृष्टिकोण

की कामना की जाती है।

⚠️ ध्यान दें:
पूजा के परिणाम व्यक्ति की आस्था, कर्म और परिस्थिति पर निर्भर करते हैं।
कोई भी पूजा निश्चित या गारंटीड परिणाम का दावा नहीं करती।

अनुभवी ज्योतिषाचार्य का मार्गदर्शन क्यों आवश्यक है?

कालसर्प दोष एक सूक्ष्म ज्योतिषीय विषय है।
पूजा तभी सार्थक मानी जाती है जब:

  • कुंडली का सही एवं पूर्ण विश्लेषण हो

  • पूजा विधि शास्त्रसम्मत हो

  • मंत्रोच्चारण शुद्ध हो

इसलिए अनुभवी एवं विद्वान आचार्य का मार्गदर्शन आवश्यक होता है।

कालसर्प दोष पूजा हेतु मार्गदर्शन प्राप्त करें

यदि आप:

  • अपनी कुंडली में कालसर्प दोष की स्थिति जानना चाहते हैं

  • कालसर्प दोष पूजा के विषय में जानकारी चाहते हैं

  • वैदिक दृष्टि से उचित मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहते हैं

तो आप श्री सिद्धिविनायक ज्योतिष केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।

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Namaste! 🙏 Main Pandit Ji hoon. Aapki kundli ya puja se judi kaise sahayata kar sakta hoon?