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मंगल दोष पूजा: कारण, प्रभाव और वैदिक शांति उपाय

मंगल दोष क्या होता है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब मंगल ग्रह जन्म कुंडली के
प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में स्थित होता है,
तो उस स्थिति को मंगल दोष (मांगलिक दोष) कहा जाता है।

मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस और पराक्रम का कारक माना जाता है,
लेकिन इसकी अशुभ स्थिति जीवन में असंतुलन उत्पन्न कर सकती है।

मंगल दोष के संभावित प्रभाव

मंगल दोष के कारण व्यक्ति के जीवन में निम्न समस्याएँ देखी जा सकती हैं:

  • विवाह में देरी या बार-बार रुकावट

  • वैवाहिक जीवन में तनाव या कलह

  • अधिक क्रोध और जल्दबाजी

  • दुर्घटना या चोट की संभावना

  • शारीरिक पीड़ा

  • माता एवं गृह-वाहन सुख में बाधा

  • अनावश्यक खर्च और विवाद

 इन प्रभावों की तीव्रता व्यक्ति की कुंडली और ग्रह दशा पर निर्भर करती है।

कुंडली में मंगल दोष की पहचान कैसे होती है?

मंगल दोष की सही पहचान के लिए आवश्यक है:

  • जन्म कुंडली का विस्तृत अध्ययन

  • मंगल ग्रह की स्थिति और दृष्टि

  • अन्य ग्रहों का प्रभाव

  • वर्तमान और आगामी ग्रह दशाएँ

बिना कुंडली विश्लेषण के किसी निष्कर्ष पर पहुँचना उचित नहीं माना जाता।

मंगल दोष पूजा का महत्व

वैदिक परंपरा के अनुसार, मंगल दोष की शांति के लिए
मंगल ग्रह की विशेष पूजा, मंत्रजाप और शांति विधि कराई जाती है।

मंगल दोष पूजा का उद्देश्य होता है:

  • ग्रहों की अशुभ ऊर्जा का शमन

  • मानसिक संतुलन की प्राप्ति

  • वैवाहिक एवं पारिवारिक जीवन में सामंजस्य की कामना

यह पूजा पूर्ण श्रद्धा और शास्त्रसम्मत विधि से संपन्न की जाती है।

मंगल दोष पूजा की विधि (संक्षेप में)

मंगल दोष पूजा में सामान्यतः निम्न विधियाँ सम्मिलित होती हैं:

  • मंगल ग्रह का आवाहन

  • वैदिक मंत्रों द्वारा जाप

  • हवन एवं शांति पाठ

  • ग्रह शांति प्रार्थना

पूजा की विधि कुंडली के अनुसार भिन्न हो सकती है।

मंगल दोष पूजा से क्या लाभ माने जाते हैं?

वैदिक मान्यताओं के अनुसार, मंगल दोष पूजा द्वारा:

  • मानसिक शांति की अनुभूति

  • ग्रहों की अशुभता में कमी

  • जीवन में संतुलन और सकारात्मकता

की कामना की जाती है।

⚠️ ध्यान दें:
यह लाभ व्यक्ति की आस्था, कर्म और परिस्थिति पर निर्भर करते हैं।
कोई भी पूजा निश्चित या गारंटीड परिणाम का दावा नहीं करती।

क्यों आवश्यक है अनुभवी ज्योतिषाचार्य का मार्गदर्शन?

मंगल दोष पूजा तभी सार्थक मानी जाती है जब:

  • कुंडली का सही विश्लेषण हो

  • पूजा विधि शास्त्रसम्मत हो

  • मंत्रोच्चारण शुद्ध हो

इसलिए अनुभवी एवं विद्वान आचार्य का मार्गदर्शन आवश्यक होता है।

मंगल दोष पूजा हेतु मार्गदर्शन प्राप्त करें

यदि आप:

  • अपनी कुंडली में मंगल दोष की स्थिति जानना चाहते हैं

  • मंगल दोष पूजा से संबंधित जानकारी चाहते हैं

  • वैदिक दृष्टि से उचित मार्गदर्शन चाहते हैं

तो आप श्री सिद्धिविनायक ज्योतिष केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।

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Pandit Ji

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Namaste! 🙏 Main Pandit Ji hoon. Aapki kundli ya puja se judi kaise sahayata kar sakta hoon?