Mangal Dosh Puja Detail

मंगल दोष पूजा

विवाह, पारिवारिक संतुलन एवं मानसिक शांति हेतु वैदिक मार्गदर्शन

10+ वर्षों का अनुभव | शुद्ध वैदिक विधि | अनुभवी आचार्य

मंगल दोष पूजा क्या होती है?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल दोष जन्म कुंडली में मंगल ग्रह की विशेष स्थिति के कारण माना जाता है।
जब मंगल ग्रह प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में स्थित होता है, तब उस स्थिति को मंगल अथवा मांगलिक दोष कहा जाता है।

मंगल दोष पूजा का उद्देश्य ग्रह शांति, मानसिक संतुलन एवं जीवन में सामंजस्य की कामना करना होता है।
यह पूजा वैदिक मंत्रों एवं शास्त्रसम्मत विधि से संपन्न कराई जाती है।

मंगल दोष क्या होता है?

मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस और पराक्रम का कारक माना जाता है।
जब इसकी स्थिति असंतुलित होती है, तब जीवन में कुछ चुनौतियाँ अनुभव की जा सकती हैं।

मंगल दोष तब माना जाता है जब:

  • मंगल कुंडली के 1st, 4th, 7th, 8th या 12th भाव में हो

  • मंगल पर अशुभ ग्रहों की दृष्टि हो

  • ग्रह दशा में मंगल का प्रभाव प्रबल हो

मंगल दोष का प्रभाव हर व्यक्ति पर समान नहीं होता।

मंगल दोष पूजा की विधि

मंगल दोष पूजा में सामान्यतः निम्न विधियाँ सम्मिलित होती हैं:

shree ganesh gouri pujan

मंगल ग्रह का वैदिक मंत्रों द्वारा आवाहन

मंगल मंत्रों का जाप

हवन एवं शांति पाठ

ग्रह शांति हेतु प्रार्थना

मंगल दोष पूजा हेतु मार्गदर्शन प्राप्त करें

अपनी कुंडली में मंगल दोष की स्थिति जानना चाहते हैं तो श्री सिद्धिविनायक ज्योतिष केंद्र से संपर्क करें।

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Pandit Ji

Online • Spiritual Advisor
Namaste! 🙏 Main Pandit Ji hoon. Aapki kundli ya puja se judi kaise sahayata kar sakta hoon?