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|| वैदिक ज्योतिष एवं अनुष्ठानों द्वारा जीवन को सही दिशा ||

श्री सिद्धिविनायक ज्योतिष केंद्र, उज्जैन में वैदिक ज्योतिष, कुंडली विश्लेषण तथा शास्त्रसम्मत पूजा-अनुष्ठानों के माध्यम से जीवन की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।
सभी सेवाएं आस्था, शास्त्र और अनुभव के आधार पर दी जाती हैं।

ज्योतिष सेवाएं

जन्म कुंडली विश्लेषण

जन्म कुंडली के माध्यम से व्यक्ति के स्वभाव, जीवन की दिशा, संभावनाओं एवं चुनौतियों का विस्तृत अध्ययन किया जाता है।

ग्रह दशा एवं अंतरदशा विश्लेषण

वर्तमान एवं आने वाली ग्रह दशाओं के आधार पर जीवन में चल रही समस्याओं और संभावित परिवर्तनों का मार्गदर्शन दिया जाता है।

विवाह एवं दांपत्य ज्योतिष

विवाह में देरी, बाधा या वैवाहिक तनाव के कारणों का कुंडली के सप्तम भाव एवं ग्रह योगों के आधार पर विश्लेषण किया जाता है।

करियर एवं व्यवसाय ज्योतिष

नौकरी, व्यापार, करियर चयन एवं कार्य में आ रही रुकावटों को समझने हेतु ज्योतिषीय मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।

स्वास्थ्य ज्योतिष

कुंडली के ग्रहों एवं भावों के आधार पर स्वास्थ्य संबंधी संकेत एवं सावधानियों का मार्गदर्शन किया जाता है।

दोष विश्लेषण

कालसर्प दोष, मंगल दोष, पितृ दोष एवं अन्य ग्रह बाधाओं का कुंडली अध्ययन द्वारा विश्लेषण किया जाता है।

पूजा एवं अनुष्ठान सेवाएं

भात पूजा (पितृ दोष निवारण)

भात पूजा (पितृ दोष निवारण)

पूर्वजों की असंतुष्टि अथवा पितृ दोष के कारण विवाह में बाधा, संतान संबंधी समस्या, आर्थिक रुकावट एवं मानसिक अशांति देखी जा सकती है। भात पूजा विशेष रूप से पितृ दोष शांति हेतु की जाने वाली वैदिक पूजा मानी जाती है। यह पूजा शास्त्रसम्मत विधि से ब्राह्मणों द्वारा कराई जाती है और परंपरा अनुसार उज्जैन जैसे तीर्थ क्षेत्रों सहित अन्य स्थानों पर भी संपन्न कराई जाती है।

मंगल दोष पूजा

मंगल दोष पूजा

जन्म कुंडली में मंगल ग्रह यदि प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में स्थित हो, तो उसे मंगल अथवा मांगलिक दोष माना जाता है। इस दोष के प्रभाव से जातक को शारीरिक पीड़ा, माता एवं गृह-वाहन सुख में बाधा, विवाह में विलंब या वैवाहिक कलह, दुर्घटना की संभावना, अधिक व्यय, क्रोध एवं विवाद जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। मंगल दोष के शमन हेतु कुंडली विश्लेषण के आधार पर मंगल ग्रह की विशेष पूजा, वैदिक मंत्रजाप एवं शांति विधि कराई जाती है।

कालसर्प दोष पूजा

कालसर्प दोष पूजा

जन्म कुंडली में जब राहु और केतु सभी ग्रहों को एक ओर से घेर लेते हैं, तब कालसर्प दोष बनता है। इसके प्रभाव से जातक को शिक्षा, विवाह, संतान, करियर, व्यापार, स्वास्थ्य एवं मानसिक शांति से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके निवारण हेतु कुंडली विश्लेषण के आधार पर कालसर्प दोष निवारण पूजा, मंत्रजाप एवं शांति विधि कराई जाती है। परंपरा अनुसार यह पूजा उज्जैन जैसे सिद्ध धार्मिक स्थलों सहित अन्य उपयुक्त स्थानों पर शास्त्रसम्मत विधि से कराई जाती है, जिससे दोष शांति एवं जीवन में संतुलन की कामना की जाती है।

पितृ दोष शांति पूजा

पितृ दोष शांति पूजा

कुंडली में पितृ दोष होने पर जीवन में बार-बार रुकावट, पारिवारिक तनाव एवं कार्यों में विलंब देखने को मिल सकता है। इसके निवारण हेतु पितृ दोष शांति पूजा, तर्पण एवं वैदिक विधि द्वारा पूर्वजों की शांति की कामना की जाती है।

रुद्राभिषेक

रुद्राभिषेक

भगवान शिव को समर्पित रुद्राभिषेक मानसिक शांति, स्वास्थ्य, भय मुक्ति एवं सकारात्मक ऊर्जा हेतु किया जाता है। यह अभिषेक वैदिक मंत्रों के साथ संपन्न कराया जाता है। परंपरा अनुसार रुद्राभिषेक उज्जैन जैसे शिव क्षेत्र सहित अन्य शिवालयों में भी किया जाता है।

चंडी पाठ / नवचंडी / शतचंडी

चंडी पाठ / नवचंडी / शतचंडी

देवी उपासना के माध्यम से शत्रु बाधा, भय, मानसिक असंतुलन एवं नकारात्मक शक्तियों से रक्षा हेतु चंडी पाठ, नवचंडी एवं शतचंडी अनुष्ठान कराए जाते हैं। ये अनुष्ठान वैदिक एवं तांत्रिक परंपरा के अनुसार संपन्न किए जाते हैं।

बगलामुखी अनुष्ठान

बगलामुखी अनुष्ठान

देवी बगलामुखी अनुष्ठान विशेष रूप से शत्रु बाधा, विवाद, कोर्ट-केस एवं मानसिक दबाव जैसी परिस्थितियों में किया जाता है। यह अनुष्ठान आत्मबल एवं स्थिरता की कामना हेतु किया जाता है।

विवाह बाधा निवारण पूजा

विवाह बाधा निवारण पूजा

कुंडली के सप्तम भाव या ग्रह दशा के कारण विवाह में विलंब, बार-बार रुकावट या वैवाहिक तनाव उत्पन्न हो सकता है। ज्योतिषीय विश्लेषण के आधार पर वैदिक पूजा एवं उपायों द्वारा आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।

ऋण मुक्ति पूजा

ऋण मुक्ति पूजा

आर्थिक कर्ज एवं मानसिक दबाव की स्थिति में कुंडली अध्ययन के आधार पर ऋण मुक्ति पूजा, दान-पुण्य एवं वैदिक उपायों द्वारा शांति की कामना की जाती है।

गृह प्रवेश पूजा

गृह प्रवेश पूजा

नए गृह में प्रवेश से पूर्व गृह प्रवेश पूजा द्वारा सकारात्मक ऊर्जा, शांति एवं सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

वास्तु दोष शांति पूजा

वास्तु दोष शांति पूजा

वास्तु दोष के कारण उत्पन्न मानसिक, पारिवारिक एवं कार्य संबंधी असंतुलन हेतु वास्तु दोष शांति पूजा वैदिक विधि से कराई जाती है।

विशेष तिथि पूजा

विशेष तिथि पूजा

अमावस्या, प्रदोष, सावन, महाशिवरात्रि आदि विशेष तिथियों पर विशेष पूजा, तर्पण एवं अनुष्ठान कराए जाते हैं।

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Pandit Ji

Online • Spiritual Advisor
Namaste! 🙏 Main Pandit Ji hoon. Aapki kundli ya puja se judi kaise sahayata kar sakta hoon?